Explore

Search

April 30, 2026 1:17 am

सिवान : गर्भवती और गर्भस्थ शिशु के स्वास्थ्य की निगरानी करना प्रसव पूर्व जांच का मुख्य उद्देश्य: डॉ. रूपाली रस्तोगी

✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ

सिवान: गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए प्रत्येक माह की 9 और 21 तारीख को चलाए जाने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत बुधवार को रेफरल अस्पताल, सिसवन में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच (ANC) की गई। इस दौरान कुल 86 महिलाओं की जांच की गई, जिनमें 8 महिलाएं उच्च जोखिम (एचआरपी) की श्रेणी में पाई गईं।

इस अवसर पर महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. रूपाली रस्तोगी ने बताया कि प्रसव पूर्व जांच का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। एएनसी जांच के माध्यम से न केवल गर्भवती महिलाओं की सेहत का आकलन होता है, बल्कि गर्भस्थ शिशु की स्थिति और विकास की भी सटीक जानकारी मिलती है।

डॉ. रस्तोगी ने बताया कि एएनसी जांच में वजन, रक्तचाप, रक्तहीनता, मधुमेह, एचआईवी सहित कई महत्वपूर्ण परीक्षण किए जाते हैं, जो गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु की सेहत की दिशा तय करते हैं। उन्होंने चार नियमित एएनसी जांचों को सुरक्षित प्रसव के लिए अनिवार्य बताया।

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. एस एम समउदीन आजाद ने बताया कि रेफरल अस्पताल के महिला रोग विशेषज्ञों द्वारा गर्भधारण से लेकर प्रसव तक की नियमित जांच की जाती है। विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का ध्यानपूर्वक फॉलोअप स्थानीय परामर्शी संजीव कुमार द्वारा किया जाता है, जिससे जटिलताओं से बचा जा सके।

प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक सह प्रभारी बीएचएम जितेंद्र गुप्ता ने कहा कि स्थानीय अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की जांच के लिए सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। जांच के बाद दवा भी तुरंत उपलब्ध हो जाती है।

भव्या पोर्टल के माध्यम से एएनएम निभा कुमारी और पूजा कुमारी द्वारा महिलाओं का ब्लड प्रेशर, शुगर, वजन, लंबाई, बुखार, ऑक्सीजन स्तर आदि की जांच की गई। इसके अलावा सीएचओ पूनम सिंह, संजय राय, राम प्रकाश, जीएनएम रंजना गुप्ता और एएनएम पूजा कुमारी ने एनसीडी स्क्रीनिंग कर उच्च जोखिम वाली महिलाओं की पहचान की।

Samay Siwan
Author: Samay Siwan

लाइव क्रिकेट स्कोर