✍🏽 परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सिवान: जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण क्षेत्रों में गुरुवार को भक्तिभाव और श्रद्धा के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान पूजा स्थलों पर महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने माता की पूजा-अर्चना कर अगले वर्ष पुनः पधारने का निमंत्रण दिया।
महिलाओं ने खोइंचा भरकर मां को विदाई दी, जबकि श्रद्धालु गाजे-बाजे के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा वाहनों पर रखकर निकटतम तालाब और नदी तट तक पहुंचे। वहां जयघोष के बीच माता की प्रतिमा को जल में समर्पित किया गया। इससे पहले बच्चों ने अबीर-गुलाल चढ़ाकर मां की पूजा की और एक-दूसरे को रंग-अबीर लगाया, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा।
शहर के फतेहपुर, शांतिवट वृक्ष, महादेवा, मिशन, कागजी मोहल्ला, मखदुम सराय, सोनार टोली, शुक्ल टोली श्रीनगर सहित अन्य स्थानों पर स्थापित मां सरस्वती की प्रतिमाओं को दाहा नदी में विसर्जित किया गया। वहीं, रघुनाथपुर प्रखंड मुख्यालय और ग्रामीण इलाकों में नरहन स्थित सरयू नदी तट पर प्रतिमा विसर्जन संपन्न हुआ।
सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरे इलाके में गश्त करता रहा और प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। प्रशासन हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए था। वहीं, बच्चे भक्ति गीतों पर झूमते नजर आए और सरस्वती मां से ज्ञान और बुद्धि की प्रार्थना करते हुए श्रद्धापूर्वक विदाई दी।
रघुनाथपुर, मुरापट्टी, नरहन, बडुआ, निखती कलां, पंजवार, टारी, गभीरार, फुलवरिया, आदमपुर, राजपुर, मिर्जापुर, नेवारी, कौसड़, सारंग डुमरी, अमवारी, चकरी सहित अन्य गांवों में भी वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ प्रतिमा विसर्जन संपन्न हुआ।

