मांगों को लेकर एलआइसी कर्मियों का जोरदार प्रदर्शन
✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
कारपोरेट समर्थक नीतियों, श्रम संहिता व निजीकरण के खिलाफ उठाई आवाज
महाराजगंज (सिवान) : भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआइसी) के कर्मियों ने बुधवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान निगम कार्यालय के समक्ष कर्मियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान एलआइसी कर्मी रजनीश कुमार ने कहा कि यह हड़ताल उन नीतियों के खिलाफ है जो कारपोरेट हितैषी, मजदूर विरोधी और आम जनता के लिए नुकसानदायक हैं। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लागू की जा रही चार श्रम संहिताएं न केवल श्रमिकों के अधिकारों को कुचलती हैं, बल्कि यह यूनियनों की शक्ति को भी कमजोर करती हैं। इन नीतियों के तहत काम के घंटों में बढ़ोतरी, यूनियन गठन में कठिनाई और श्रमिकों के अधिकारों के आपराधिकरण में कमी जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि एलआइसी जैसे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में लगातार ठेकेदारी और निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है, जबकि महंगाई और जीवन यापन की लागत में तेजी से वृद्धि हो रही है। इसके बावजूद न तो नई भर्तियां की जा रही हैं और न ही कर्मचारियों के वेतन में समुचित वृद्धि हो रही है।
प्रदर्शन में शामिल कर्मियों ने सरकार की आर्थिक नीतियों के साथ-साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और कल्याण बजट में की जा रही कटौती पर भी गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बढ़ती बेरोजगारी और आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भारी वृद्धि ने आम जनता की कमर तोड़ दी है।
साथ ही, यूनियनों ने संविधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग, असहमति के स्वर को कुचलने की कोशिशों, महाराष्ट्र में लाए गए सार्वजनिक सुरक्षा विधेयक जैसे प्रदर्शनों को प्रतिबंधित करने वाले कानूनों और बिहार में प्रवासी श्रमिकों को मताधिकार से वंचित करने की साजिश पर भी चिंता जाहिर की।
इस प्रदर्शन में एलआइसी कर्मी अनूप कुमार सिंह, अनिरुद्ध कुमार, सतीश कुमार मौर्य, पंकज कुमार, विनीत कुमार समेत अन्य कर्मचारी भी शामिल रहे।

