आरएसए कार्यकर्ताओं ने भैंस के आगे बीन बजाकर कुलपति का किया विरोध प्रदर्शन
✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
जयप्रकाश विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार व मनमानी का आरोप, छात्रों ने कुलपति के इस्तीफे की उठाई मांग
महाराजगंज (सिवान):
शहर स्थित आरबीजीआर महाविद्यालय परिसर शनिवार को उस समय प्रदर्शन स्थल में बदल गया जब आरएसए (राष्ट्रिय छात्र एकता) के कार्यकर्ताओं ने पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत भैंस के आगे बीन बजाकर कुलपति प्रो. परमेंद्र कुमार बाजपेई के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे विश्वविद्यालय अध्यक्ष अमरेश सिंह राजपूत ने कहा कि वर्तमान कुलपति का कार्यकाल छात्रहितों की घोर उपेक्षा से भरा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि कुलपति “भैंस की तरह व्यवहार कर रहे हैं और बीन बजाने के बाद भी छात्रों की समस्याएं नहीं सुन रहे।”
प्रदर्शनकारियों ने कुलपति पर वित्तीय अनियमितता, जातिगत भेदभाव और तानाशाही रवैये का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल का शैक्षणिक और वित्तीय ऑडिट कराया जाना चाहिए। छात्र नेताओं ने विश्वविद्यालय से जुड़े एमओयू, विभागीय नियुक्तियों, और फर्जी पद निर्माण जैसे मुद्दों पर भी गंभीर सवाल खड़े किए।
उन्होंने प्रो. इरफान अली को राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष बनाए जाने के निर्णय को भी गलत करार देते हुए कहा कि यह निर्णय न सिर्फ अधिनियम के विरुद्ध है, बल्कि महामहिम कुलाधिपति के आदेशों की भी अनदेखी है।
छात्र नेता शिवम सिंह ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय में ‘जात-पात’ की राजनीति हावी है और कुलपति की प्राथमिकता छात्रों के बजाय चहेतों की नियुक्ति और मलाईदार पदों के बंटवारे तक सीमित है। उन्होंने सवाल किया कि जिन विश्वविद्यालयों से एमओयू हुआ है, उसका छात्रों को क्या लाभ मिला?
आंदोलनकारी छात्रों ने चेतावनी दी कि जब तक विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार, जातिवाद, शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा प्रणाली में सुधार नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस मौके पर भानु प्रताप सिंह, दरवेश आनंद, आलोक कुमार, आदित्य कुमार, मोहन राम, प्रीतम मांझी, राजेंद्र कुमार, विजेंद्र कुमार, हेमंत कुमार समेत दर्जनों छात्र नेता उपस्थित रहे।