✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
श्रीविष्णु महायज्ञ में प्रवचन के दौरान कथा वाचिका अर्चना मणि पराशर ने समझाया श्रीराम और भरत का आदर्श प्रसंग
जीरादेई (सिवान): प्रखंड के तितरा बाजार में चल रहे श्रीविष्णु महायज्ञ के पांचवें दिन गुरुवार को कथा वाचिका अर्चना मणि पराशर ने अपने प्रवचन में भगवान श्रीराम और उनके भाई भरत के बीच के प्रसंग का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि जब भगवान श्रीराम के लाख मनाने के बावजूद भी भरत अपनी जिद पर अड़े रहे कि प्रभु को अयोध्या लौटना ही होगा, तब श्रीराम ने कहा, “भरत, आज हम दोनों बंटवारा कर लेते हैं।” यह सुनकर भरत भावुक हो गए और बोले, “जब तक मेरे प्राण रहेंगे, कोई भी मुझे प्रभु श्रीराम से दूर नहीं कर सकता।”
इस पर श्रीराम ने स्पष्ट किया कि वे संपत्ति का नहीं, बल्कि विपत्ति का बंटवारा करने की बात कर रहे हैं। कथा वाचिका ने बताया कि यह प्रसंग भाइयों के बीच निस्वार्थ प्रेम और त्याग का प्रतीक है। जब भाई एक-दूसरे के सुख के लिए स्वयं का त्याग करते हैं, तब उनका रिश्ता और मजबूत होता है।
मंच संचालन प्रमोद राय ने किया। इस अवसर पर राष्ट्र सृजन अभियान के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. ललितेश्वर कुमार, गोपालगंज के लोकपाल प्रशांत कुमार, गुठनी प्रखंड प्रमुख बुッチन राय, लोजपा नेता विनोद तिवारी, मुखिया नूर नवाब अंसारी, हरिकांत सिंह, शानू राय, अनिल राय, अशोक राय, दिलीप राय, राजन तिवारी, मनोज दुबे, विशाल गोस्वामी, विकास कुमार, डॉ. विजय सिंह, सखिचंद साह समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

