✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
पुलिस प्रशासन की लापरवाही उजागर, मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
सीवान: जिले में अपराध बढ़ने के साथ-साथ पुलिस की निष्क्रियता भी उजागर हो रही है। पीड़ितों की शिकायतें स्थानीय थाने से लेकर एसपी कार्यालय तक पहुंचीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली ने सिसवन थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष अरविंद कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।
इस निर्देश के तहत सिसवन के वर्तमान थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने तत्कालीन थानाध्यक्ष अरविंद कुमार के खिलाफ थाना कांड संख्या 104/दिनांक 26.03.25 दर्ज कर मामला न्यायालय में भेज दिया है।
शिकायत पर कार्रवाई में देरी, अहम सबूत नष्ट
गौरतलब है कि गंगपुर सिसवन निवासी ऋतिक साह ने 21 जुलाई 2020 को मानवाधिकार आयोग, नई दिल्ली में शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप था कि तत्कालीन प्रभारी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने न तो प्राथमिकी दर्ज की और न ही मामले का संज्ञान लिया। 18 माह बाद ऋतिक के पिता यशवंत साह के आवेदन पर गांव के ही रामअवतार कुम्हार, सुमित्रा देवी, तारकेश्वर कुम्हार और विकेश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया गया।
प्राथमिकी दर्ज करने में हुई देरी के कारण महत्वपूर्ण साक्ष्य नष्ट हो गए और आरोपियों को सबूतों से छेड़छाड़ करने और फरार होने का अवसर मिल गया। कानूनी कर्तव्यों की अनदेखी और मानवाधिकार आयोग के निर्देशों के उल्लंघन को देखते हुए आयोग ने तत्कालीन प्रभारी थानाध्यक्ष अरविंद कुमार के विरुद्ध धारा 166(ए) आईपीसी के तहत प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है।