मारपीट मामले में दो अभियुक्तों पर आर्थिक दंड, प्रोबेशन बांड पर रिहाई
✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
सिवान अदालत का फैसला, 2010 के विवाद में दोषी पाए गए कृष्णा चौहान व आकाश चौहान
सिवान : अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम विजय कृष्ण सिंह की अदालत ने एक पुराने मारपीट मामले में दो अभियुक्तों को आर्थिक दंड की सजा सुनाते हुए उन्हें प्रोबेशन बांड की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया है।
यह मामला 3 फरवरी 2010 का है, जब सिवान के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत खुरमाबाद गांव में नाली के पानी के विवाद को लेकर केदार चौहान एवं संदीप माझी के बीच झगड़ा हो गया था। इस दौरान केदार चौहान के परिजनों पर आरोप है कि उन्होंने संदीप माझी और अन्य पर चाकू से हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
मामले में दोनों पक्षों के लोग घायल हुए थे। अदालत में सुनवाई के बाद पाया गया कि कृष्णा चौहान और आकाश चौहान इस घटना के मुख्य दोषी हैं। अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 383 (अपराधपूर्वक उगाही) एवं 448 (गैरकानूनी प्रवेश) के तहत दोनों को दोषी मानते हुए उन्हें प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट के अंतर्गत रिहा करने का निर्देश दिया।
इसके साथ ही दोनों पर 18-18 हजार रुपये का आर्थिक दंड लगाया गया है, जिसे पीड़ित पक्ष को मुआवजा स्वरूप देना होगा।
मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता सईद अख्तर ने पैरवी की।