चित्रकार रजनीश ने प्रधानमंत्री को भेंट की सिवान की पारंपरिक टेराकोटा कला की कलाकृति
✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
पीएम मोदी और सीएम नीतीश ने की कलाकृति की सराहना, विलुप्त हो चुकी परंपरा को फिर किया जीवंत
सिवान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुक्रवार को जसौली में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सिवान की पारंपरिक हस्तकला ने एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। आराध्या चित्रकला केंद्र के युवा चित्रकार और कला शिक्षक रजनीश कुमार मौर्य ने प्रधानमंत्री का स्वागत एक अनूठी कलाकृति से किया। उन्होंने टेराकोटा (मृणपात्र) की पारंपरिक कलाकृति प्रधानमंत्री को भेंट की, जिसे देख प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी कला की भूरि-भूरि प्रशंसा की। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी कलाकृति की सराहना करते हुए रजनीश को शुभकामनाएं दीं।
रजनीश ने बताया कि यह कलाकृति सिवान की एक विलुप्त होती परंपरा की पुनर्स्थापना का प्रयास है। एक समय था जब सिवान की मिट्टी से बने बर्तन अपनी ज्यामितीय चित्रकारी के लिए प्रसिद्ध थे। इन बर्तनों को विशेष विधि—कपड़छन मिट्टी, अग्नितप और पक्की पेंटिंग—से तैयार किया जाता था। खासकर सुराही जैसी वस्तुएं राजा-महाराजाओं और विदेशी मेहमानों को उपहार स्वरूप दी जाती थीं। बताया जाता है कि मुगलकाल से लेकर अंग्रेजी शासन तक सिवान की सुराहियां ईरान, फारस और ब्रिटेन तक निर्यात होती थीं।
आज इस विलुप्त होती कला को रजनीश ने अपने गहन अध्ययन और साधना से पुनर्जीवित करने का प्रयास किया है। उन्होंने इस ऐतिहासिक धरोहर को प्रधानमंत्री को भेंट कर राष्ट्रीय गौरव का क्षण बनाया।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की सराहना के बाद पुरातत्वविद् डॉ. शंकर शर्मा, वरिष्ठ अधिकारी जे.एन. तिवारी, चित्रकला शिक्षक अविनाश कुमार गुप्ता, रामेश्वर सिंह सहित जिले के प्रबुद्ध जनों एवं चित्रकला प्रेमियों ने रजनीश को शुभकामनाएं दीं।