✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
महिला संवाद कार्यक्रम ने दिखाई ग्रामीण महिलाओं की जागरूकता और नेतृत्व क्षमता,दारौंदा में हुई अहम बैठक
सिवान जिले में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक नया इतिहास रचा गया है। बिहार सरकार और जीविका के संयुक्त प्रयास से संचालित महिला संवाद कार्यक्रम में अब तक एक लाख 15 हजार से अधिक ग्रामीण महिलाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई है। यह आंकड़ा यह दर्शाता है कि आज की ग्रामीण महिलाएं केवल योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति निर्माण में भी अपनी सशक्त भूमिका निभाने को तैयार हैं।
महिला संवाद कार्यक्रम का मूल उद्देश्य महिलाओं को सरकार की योजनाओं की जानकारी देना, उनकी समस्याएं सुनना और उन विचारों को योजनाओं में शामिल करना है। यह पहल महिलाओं को सशक्त भागीदार बनाकर उन्हें विकास प्रक्रिया का सक्रिय हिस्सा बना रही है।
इसी क्रम में सोमवार को जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक ने दारौंदा प्रखंड का दौरा किया। वहां आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में भाग लेते हुए उन्होंने महिलाओं से सीधा संवाद किया और उनकी आकांक्षाओं एवं सुझावों को सुना। उन्होंने बताया कि यह अभियान केवल संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य है कि प्रत्येक पात्र परिवार से जुड़ी महिला की आवाज ग्राम स्तर से लेकर जिला व राज्य स्तर तक पहुँचाई जाए।
कार्यक्रम में भाग लेने वाली महिलाओं ने शिक्षा, स्वास्थ्य, स्थानीय रोजगार, आधारभूत संरचना और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखे। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर अपने अनुभव साझा किए और उनमें सुधार के लिए कई उपयोगी सुझाव दिए।
इस कार्यक्रम से यह साफ हो गया है कि जब महिलाओं को सही मंच और अवसर मिलता है, तो वे नेतृत्व की जिम्मेदारी भी बखूबी निभा सकती हैं। यह पहल न केवल सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का माध्यम है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस और प्रभावशाली कदम भी है।