✍🏽 परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत केंद्रीय टीम का निरीक्षण
बसंतपुर: राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (एनवीबीडीसीपी) के तहत केंद्रीय टीम ने बुधवार को बसंतपुर प्रखंड के सिपाह गांव का दौरा किया। इस दौरान टीम ने फाइलेरिया और कालाजार से प्रभावित मरीजों की समस्याओं को समझने के लिए उनका हालचाल जाना और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कुमार रवि रंजन ने बताया कि यह दौरा सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान के तहत किया गया, जो 10 फरवरी से शुरू हुआ था। इस अभियान का उद्देश्य हाथीपांव, हाइड्रोसिल और कालाजार जैसी बीमारियों का जड़ से उन्मूलन करना है।
केंद्रीय टीम ने गांव का भ्रमण कर मरीजों और उनके अभिभावकों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए विशेष कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए। टीम के सदस्यों ने बताया कि दवा सेवन से इनकार करने वाले समुदायों को जागरूक करने की जरूरत है। साथ ही, कालाजार उन्मूलन अभियान के तहत हो रहे छिड़काव को प्रभावी बनाने के लिए ग्रामीण स्तर पर स्कूलों और समुदायों में जाकर लोगों को उपचार के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए।
जागरूकता बढ़ाने पर जोर, आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका अहम
सिपाह गांव की आशा कार्यकर्ता पुष्पा कुमारी से फैमिली रजिस्टर की भी जांच की गई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दवा वितरण अभियान को प्रभावी ढंग से लागू किया गया है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत दो सदस्यीय टीम में तकनीकी सहायता इकाई से डॉ. अतुल मित्तल और जीएचएस के सोमनाथ बनर्जी शामिल थे। इसके अलावा, पीरामल स्वास्थ्य की ओर से क्षेत्र मूल्यांकन टीम के सदस्य आनंद कुमार ने भी इस दौरे में भाग लिया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की अहम भागीदारी
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. ओम प्रकाश लाल ने कहा कि सर्वजन दवा सेवन अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने में आशा कार्यकर्ताओं, आशा फेसिलिटेटरों और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इस अवसर पर नीरज कुमार सिंह, प्रीति आनंद, विकास कुमार, कुमार कुंदन, मिथिलेश कुमार पांडेय, सोनू सिंह सहित अन्य स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।